डिजिटल लेन-देन से यात्रियों में बढ़ी परेशानी
रेलवे ने पार्सल काउंटर पर डिजिटल भुगतान सफलतापूर्वक लागू किया, लेकिन सामान्य और रिज़र्वेशन काउंटर पर तकनीकी समस्याएँ और भ्रम बढ़ गए हैं। यात्रियों को अब नकद भुगतान के विकल्प में आसानी से टिकट की तारीख बदलने की सुविधा नहीं मिल रही।
टिकट की तारीख बदलने का नया तरीका
पहले यात्रियों को यात्रा से 48 घंटे पहले सिर्फ ₹20 अतिरिक्त देकर तारीख बदलने का विकल्प था। डिजिटल भुगतान लागू होने के बाद, अब उन्हें टिकट रद्द करके ₹120 अतिरिक्त शुल्क देकर नया टिकट लेना पड़ता है। रद्द टिकट का पैसा बाद में खाते में आएगा, जिससे अधिक नकद की आवश्यकता पड़ती है।
नकद भुगतान के पक्ष में यात्रियों की मजबूरी
जो यात्री सिस्टम को जानते हैं, वे अभी भी नकद में टिकट खरीदना पसंद करते हैं। नए यात्री डिजिटल भुगतान चुनते हैं। नकद लेन-देन पर रोक के कारण कुछ यात्रियों और स्टाफ के बीच झगड़ा भी होता है।
अधिकारियों का कहना और समाधान
रेलवे बोर्ड ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने कहा कि नकद भुगतान का विकल्प यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगा और अगर डिजिटल सिस्टम में कोई खामी है, तो उसे बाद में ठीक किया जा सकता है।
थिरुवनंतपुरम डिवीजन में आंकड़े
औसतन 1.1 लाख सामान्य टिकट रोजाना जारी किए जाते हैं। 10% यात्री अभी भी अनरिज़र्व्ड टिकट सिस्टम (UTS) में नकद भुगतान करते हैं।





