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भारत का संविधान: प्रमुख अनुच्छेद, मौलिक अधिकार व अनुसूचियाँ

भारत का संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। यह वह दस्तावेज़ है जिसने हमें एक स्वतंत्र और संगठित राष्ट्र बनाया। 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ यह संविधान न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, बल्कि सबसे लचीला और जीवंत भी है।

संविधान के जरिये हमें अधिकार, कर्तव्य और सरकार चलाने की स्पष्ट व्यवस्था मिलती है। यही कारण है कि इसे “We the People of India” से शुरू किया गया, यानी यह संविधान जनता द्वारा, जनता के लिए और जनता का है।

भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ

संविधान की मुख्य विशेषताएँ

भारत के संविधान की कुछ खास बातें हैं, जो इसे अद्वितीय बनाती हैं:

  1. लिखित और विस्तृत संविधान – इसमें 470 से अधिक अनुच्छेद और 12 अनुसूचियाँ (Schedules) शामिल हैं।
  2. संघीय ढांचा (Federal Structure) – केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकार साफ़ विभाजित।
  3. मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) – नागरिकों को स्वतंत्र और समान जीवन जीने का हक़।
  4. मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) – नागरिकों की ज़िम्मेदारियाँ तय।
  5. धर्मनिरपेक्षता (Secularism) – सभी धर्मों को समान सम्मान।
  6. न्यायपालिका की स्वतंत्रता – अदालतें संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती हैं।
  7. संशोधन की सुविधा – समय के साथ बदलाव करने की व्यवस्था (अनुच्छेद 368)।

प्रमुख अनुच्छेदों की सूची

भारत का संविधान बहुत बड़ा है, इसलिए हर अनुच्छेद को याद रखना मुश्किल होता है। यहाँ आपके लिए महत्वपूर्ण अनुच्छेदों की आसान टेबल दी गई है

मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) – अनुच्छेद 12 से 35

अनुच्छेदविषयविवरण
14समानता का अधिकारसभी नागरिक कानून की नज़र में समान।
15भेदभाव का निषेधधर्म, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव नहीं।
16समान अवसरसरकारी नौकरी में समान अवसर।
17अस्पृश्यता का उन्मूलनछुआछूत प्रथा समाप्त।
19स्वतंत्रता का अधिकारबोलने, संगठन बनाने, आवागमन की स्वतंत्रता।
21जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रताजीवन का अधिकार और गरिमा से जीने की गारंटी।
21Aशिक्षा का अधिकार6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा।
22गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षणअवैध हिरासत से सुरक्षा।
32मौलिक अधिकारों की रक्षासुप्रीम कोर्ट में जाने का अधिकार।

राज्य नीति के निदेशक तत्व (Directive Principles) – अनुच्छेद 36 से 51

अनुच्छेदविषयविवरण
38सामाजिक, आर्थिक न्यायसरकार को सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना होगा।
39नीतिगत सिद्धांतसमान वेतन, बच्चों का संरक्षण, संसाधनों का समान वितरण।
40पंचायत व्यवस्थाग्रामीण स्तर पर स्वशासन।
44समान नागरिक संहितासभी नागरिकों के लिए एक समान कानून।
45बच्चों की देखभाल व शिक्षा6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा व पोषण।
47पोषण स्तर सुधारनशीले पदार्थों और शराब पर नियंत्रण।

मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) – अनुच्छेद 51A

भारत के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह:

  • संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करे।
  • देश की एकता और अखंडता बनाए रखे।
  • पर्यावरण, जंगल और नदियों की रक्षा करे।
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दे।
  • राष्ट्रीय धरोहर की रक्षा करे।

संविधान संशोधन (Article 368)

भारत का संविधान समय के साथ बदल सकता है। अनुच्छेद 368 के तहत संसद को संशोधन करने की शक्ति है। अब तक 100 से अधिक संशोधन (Amendments) हो चुके हैं, जैसे

  • 42वाँ संशोधन (1976) – इसे “मिनी संविधान” कहा जाता है।
  • 44वाँ संशोधन (1978) – आपातकाल के दुरुपयोग को रोकने के लिए बदलाव।
  • 86वाँ संशोधन (2002) – शिक्षा का मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21A)।

क्यों ज़रूरी है संविधान को समझना?

संविधान सिर्फ वकीलों या नेताओं के लिए नहीं है, बल्कि हर भारतीय नागरिक के लिए है।

  • जब आपको अपने अधिकार पता होंगे, तभी आप उनका इस्तेमाल कर पाएंगे।
  • जब आपको अपने कर्तव्य पता होंगे, तभी आप सही मायने में देश के प्रति ईमानदार रह पाएंगे।

डॉ. भीमराव आंबेडकर ने कहा था –

“संविधान उतना ही अच्छा होगा जितना अच्छा उसे चलाने वाले लोग होंगे।”

संविधान की 12 अनुसूचियाँ (Schedules of Indian Constitution)

भारत के संविधान में 12 अनुसूचियाँ हैं। इनमें सरकार के ढाँचे, राज्यों, भाषाओं और अन्य प्रावधानों से जुड़ी विस्तृत जानकारी

अनुसूचीविषयविवरण
पहली अनुसूची (First Schedule)राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूचीभारत के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के नाम और क्षेत्रफल।
दूसरी अनुसूची (Second Schedule)वेतन, भत्ते और विशेषाधिकारराष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, लोकसभा स्पीकर, सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट जज आदि का वेतन।
तीसरी अनुसूची (Third Schedule)शपथ और प्रतिज्ञाएँराष्ट्रपति, मंत्रियों, सांसदों, न्यायाधीशों की शपथ।
चौथी अनुसूची (Fourth Schedule)राज्यसभा में सीटों का आवंटनराज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को राज्यसभा में कितनी सीटें दी जाएँगी।
पाँचवीं अनुसूची (Fifth Schedule)अनुसूचित क्षेत्र और जनजातीय क्षेत्रआदिवासी क्षेत्रों के प्रशासन और विकास से जुड़े प्रावधान।
छठी अनुसूची (Sixth Schedule)असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम में जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासनइन राज्यों में स्वायत्त जिला परिषदों की व्यवस्था।
सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule)केंद्र और राज्य के विषय सूचीसंघ सूची (Union List), राज्य सूची (State List) और समवर्ती सूची (Concurrent List)।
आठवीं अनुसूची (Eighth Schedule)भारत की मान्यता प्राप्त भाषाएँसंविधान में मान्यता प्राप्त 22 भाषाएँ।
नौवीं अनुसूची (Ninth Schedule)भूमि सुधार कानून और कुछ विशेष प्रावधान1951 में जोड़ी गई, न्यायिक समीक्षा से बाहर रखने के लिए।
दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule)दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law)सांसदों/विधायकों के दलबदल पर रोक।
ग्यारहवीं अनुसूची (Eleventh Schedule)पंचायतों के विषयपंचायतों को सौंपे गए 29 विषय (1992 का 73वाँ संशोधन)।
बारहवीं अनुसूची (Twelfth Schedule)नगरपालिकाओं के विषयनगरपालिकाओं को सौंपे गए 18 विषय (1992 का 74वाँ संशोधन)।

भारत का संविधान केवल कानून की किताब नहीं, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक आत्मा है। इसके अनुच्छेद नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य तय करते हैं, जबकि अनुसूचियाँ संविधान के ढाँचे को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करती हैं। अगर हर भारतीय इसे समझे और पालन करे तो हमारा लोकतंत्र और भी मज़बूत होगा।

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