छठ पूजा 2025 का महत्व
छठ पूजा हिंदू धर्म के सबसे पवित्र पर्वों में से एक है। यह पर्व सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया की उपासना के लिए मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, नदियों और तालाबों में स्नान करते हैं और अस्त होते तथा उदय होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। माना जाता है कि छठ पूजा करने से सुख, समृद्धि और संतान की दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
छठ पूजा 2025 की तिथि
- 🌅 नहाय-खाय: 27 अक्टूबर 2025
- 🌙 खरना: 28 अक्टूबर 2025
- 🌄 संध्या अर्घ्य: 29 अक्टूबर 2025
- 🌞 उषा अर्घ्य: 30 अक्टूबर 2025
यह चार दिवसीय पर्व भक्ति, अनुशासन और पवित्रता का प्रतीक है।
छठ पूजा की विधि
- सबसे पहले भक्त नहाय-खाय के दिन नदी या तालाब में स्नान कर शुद्ध भोजन करते हैं।
- दूसरे दिन ‘खरना’ के रूप में उपवास रखकर शाम को खीर-रोटी का प्रसाद बनाते हैं।
- तीसरे दिन अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है।
- चौथे दिन उगते सूर्य को जल और दूध से अर्घ्य देकर पूजा संपन्न की जाती है।
छठ पूजा 2025 की शुभकामनाएं
“सूर्य की किरणें आपके जीवन को सफलता और समृद्धि से भर दें, छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं!”
“छठी मैया का आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए। जय छठी मैया!”
“उगते सूर्य को अर्घ्य देकर करें जीवन की नई शुरुआत, शुभ हो आपका हर प्रभात। हैप्पी छठ पूजा 2025!”
छठ पूजा का सांस्कृतिक महत्व
छठ पूजा न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। इस दिन परिवार, समाज और समुदाय के लोग एक साथ मिलकर घाटों पर पूजा करते हैं। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का भी संदेश देता है।





