आज के समय में कई लोग सोचते हैं कि बिना उच्च शिक्षा या बड़े संसाधनों के कोई भी बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकता। लेकिन तमिलनाडु के एक युवक, अब्दुल अलीम, ने इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। जोहो कंपनी के इस कर्मचारी ने सुरक्षा गार्ड के रूप में शुरुआत की और आज वह एक सफल सॉफ़्टवेयर इंजीनियर बन चुके हैं।
अब्दुल का सफर आसान नहीं था। शुरूआत में उन्हें आर्थिक तंगी और परिवारिक जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने शिक्षा पूरी नहीं की थी, लेकिन उनके अंदर सीखने की अटूट इच्छा थी। रात में काम करने के बाद, दिन में कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग सीखने में समय बिताते थे। इंटरनेट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की मदद से उन्होंने धीरे-धीरे सॉफ्टवेयर डेवेलपमेंट की बारीकियाँ सीखीं।
जोहो कंपनी में उनकी शुरुआत सुरक्षा गार्ड के पद से हुई। कंपनी के अंदर उनकी मेहनत और लगन को देखकर, एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें इंटर्नशिप का मौका दिया। यह मौका उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इंटर्नशिप के दौरान उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया और अपनी क्षमताओं को साबित किया।
धीरे-धीरे उन्हें सॉफ़्टवेयर डेवेलपमेंट की जिम्मेदारियाँ दी गईं। अब वह न केवल एक सफल इंजीनियर हैं, बल्कि नए कर्मचारियों को मेंटरिंग भी देते हैं। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि मेहनत, धैर्य और सीखने की इच्छा से कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी बदल सकता है। आज जब लोग तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार की तलाश कर रहे हैं, ऐसे प्रेरक उदाहरण यह साबित करते हैं कि संसाधनों की कमी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।
अब्दुल अलीम की कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, अगर इरादा मजबूत हो और मेहनत लगातार की जाए, तो कोई भी सपना सच हो सकता है।





