नई दिल्ली: 6 अक्टूबर 2025 को सोने और चांदी के दामों में तेज़ी देखने को मिली, जिससे निवेशकों और आम जनता दोनों में उत्साह बढ़ गया। वैश्विक बाजार में सोने की बढ़ती कीमतों और स्थानीय मांग के कारण भारत में भी सोने और चांदी के दामों में उछाल आया है।
आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹12,077 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने का ₹11,070 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने का ₹9,058 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, चांदी का भाव ₹74,000 प्रति किलोग्राम रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के सीजन में सोने की मांग सामान्य से अधिक होती है। इस समय लोग शादियों, धार्मिक अवसरों और निवेश के लिए सोना खरीदते हैं। भारत में सोना परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है, और त्योहारों के समय इसकी मांग और बढ़ जाती है।
वैश्विक बाजार में डॉलर की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की बढ़ती कीमतें भी भारतीय बाजार को प्रभावित कर रही हैं। निवेशक सोने को एक सुरक्षित विकल्प मानते हैं, खासकर जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है।
बैंकों और ज्वेलरी दुकानों ने ग्राहकों को निवेश करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सोने की कीमतें बढ़ती रहती हैं, तो यह निवेशकों के लिए लाभकारी अवसर हो सकता है। साथ ही, चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।
सोने और चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव हमेशा निवेशकों के लिए चिंता का विषय रहे हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि बाजार की स्थिति और मूल्य रुझान को समझकर ही निवेश करें।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सोने की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जैसे वैश्विक आर्थिक स्थिति, मुद्रास्फीति, डॉलर का मूल्य और निवेशकों का रुझान। इस समय, भारत में त्योहारों की मांग और वैश्विक बाजार में बढ़ोतरी का संयोजन सोने और चांदी की कीमतों को ऊंचा कर रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने की खरीदारी में 15-20% की बढ़ोतरी हुई है। ज्वेलरी उद्योग के लिए यह समय बेहतरीन अवसर है, क्योंकि यह बिक्री और राजस्व दोनों बढ़ाने में मदद करता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि निवेशक इस समय सोने और चांदी में निवेश करके सुरक्षित और लंबी अवधि के लिए लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अचानक मूल्य में वृद्धि निवेशकों को सतर्क भी करती है, इसलिए निवेश से पहले बाजार की स्थिति और मूल्य रुझान का अध्ययन जरूरी है।
स्थानीय ज्वेलरी दुकानों ने भी सोने और चांदी की मांग को देखते हुए विशेष ऑफर और योजनाएं पेश की हैं। निवेशक और ग्राहक सावधानीपूर्वक निर्णय ले रहे हैं और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही सोना और चांदी खरीद रहे हैं।
सोने और चांदी की कीमतों में यह उछाल न केवल निवेशकों के लिए अवसर है, बल्कि भारतीय आर्थिक स्थिति और उपभोक्ता मांग को भी दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए, इस समय सोने और चांदी में निवेश करना लाभकारी साबित हो सकता है।





