मास्को: रूस ने हाल ही में दावा किया है कि उसने रातोंरात 251 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट कर दिए हैं। इस कदम के बाद रूस–यूक्रेन संघर्ष में नई बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। रूसी सेना के अनुसार, यह हमला यूक्रेनी ड्रोन के लगातार हमलों का जवाब था, जिनमें सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
रूसी अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेनी ड्रोन ने सीमा के पास सैनिक ठिकानों और नागरिक बस्तियों पर लगातार हमला किया। इस पर प्रतिक्रिया में रूस ने सटीक हमलों से ड्रोन को भंग कर दिया। रूस ने दावा किया कि इस हमले में किसी रूसी सैनिक या नागरिक को कोई नुकसान नहीं हुआ।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष अब और जटिल और लंबी अवधि वाला हो सकता है। कई देशों ने इसे नियंत्रित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
यूक्रेन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। हालांकि, यूक्रेनी मीडिया ने बताया कि ड्रोन हमलों का उद्देश्य रूसी सैनिकों और सैन्य ठिकानों पर निगरानी रखना था। विशेषज्ञ मानते हैं कि ड्रोन युद्ध में तकनीकी भूमिका को बढ़ा रहे हैं।
इस हमले के बाद रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य गतिविधियां बढ़ गईं। सीमा क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ाई गई है और हवाई निगरानी को और सख्त किया गया है। दोनों देशों ने अपने सैन्य बलों को उच्च सतर्कता पर रखा है।
वैश्विक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना यूक्रेन युद्ध की जटिलता को दर्शाती है। ड्रोन तकनीक ने पारंपरिक युद्ध के तरीकों को बदल दिया है और दोनों पक्षों के लिए जोखिम और चुनौती बढ़ा दी है।
इस संघर्ष का असर स्थानीय नागरिकों पर भी पड़ रहा है। लोग भय और असुरक्षा की स्थिति में हैं, और कई ने अपने घर छोड़ना शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय संगठन राहत और सहायता भेज रहे हैं।
रूस-यूक्रेन संघर्ष में पिछले महीनों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं। रूस ने यह घोषणा कर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है कि वह सीमा सुरक्षा और अपनी सैन्य ताकत का उपयोग करने में संकोच नहीं करेगा। इस संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा नीतियों पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन युद्ध में ड्रोन और तकनीकी युद्ध प्रणाली का उपयोग भविष्य में और बढ़ सकता है। इसका प्रभाव न केवल सैनिकों, बल्कि सिविलियन सुरक्षा और आर्थिक संसाधनों पर भी पड़ सकता है।
रूस द्वारा 251 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट करने का दावा न केवल सैन्य दृष्टि से, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति पर भी असर डालता है। दुनिया की निगाहें अब इस पर हैं कि इस संघर्ष का समाधान कैसे होगा।



