“रूस से ट्रंप को सीधा मैसेज! पुतिन-डोभाल मुलाकात के पीछे छुपा बड़ा गेम”
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की रूस यात्रा बेहद अहम रही। उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर उन्हें भारत आने का न्योता दिया। वहीं, रूस के उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ डोभाल ने रक्षा-तकनीकी सहयोग और रणनीतिक परियोजनाओं पर गहन चर्चा की। इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी पुतिन से बातचीत कर भारत-रूस रिश्तों को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।

पुतिन से मुलाकात, भारत आने का न्योता पक्का
डोभाल ने पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। बातचीत में पुतिन ने भारत आने का न्योता स्वीकार कर लिया तारीख़ें बस तय होनी बाकी हैं। दोनों नेताओं ने इस दौरान रिश्तों को और मजबूत करने के नए रास्तों पर चर्चा की।
डिप्टी पीएम से डिफेंस डील्स पर बात
फिर बारी आई रूस के डिप्टी पीएम डेनिस मंटुरोव की। यहां डिफेंस टेक्नोलॉजी, ऊर्जा साझेदारी और बड़े स्ट्रैटेजिक प्रोजेक्ट्स पर बातचीत हुई। असल में, ये मीटिंग्स इस साल के अंत में होने वाली पुतिन की भारत यात्रा की तैयारी भी हैं।
रूसी सुरक्षा परिषद से भी कनेक्ट
डोभाल ने रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइंगू से भी मुलाकात की। शोइंगू का कहना था—भारत-रूस की दोस्ती वक्त की हर परीक्षा में खरी उतरी है और आगे भी रहेगी।
मोदी-पुतिन की फोन पर ‘दिलचस्प’ बातचीत
उधर, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी पुतिन से फोन पर लंबी चर्चा की। मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पुतिन ने उन्हें यूक्रेन के हालात बताए और दोनों ने खास रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। साथ ही मोदी ने पुतिन को इस साल भारत आने का न्योता भी दिया।
अमेरिका को साफ संदेश
ये सब ऐसे वक्त हो रहा है जब अमेरिका रूस-भारत नज़दीकी से चिढ़ा हुआ है। ट्रंप का टैरिफ बढ़ाना इसका साफ सबूत है। लेकिन भारत के पुतिन, चीन और ब्राजील से लगातार बढ़ते संपर्क ये दिखाते हैं कि दिल्ली अब अपना कूटनीतिक खेल बिना दबाव के खेल रही है—सीधा और बेखौफ।




